Skip to main content

फिर से मंडराने लगा Bird Flu का खतरा, किडनी में डाल सकता है बुरा असर! ये हैं लक्षण

 


नई दिल्ली | महाराष्ट्र के ठाणे और पालघर क्षेत्रों से मामले सामने आने के साथ ही भारत में बर्ड फ्लू ( Bird Flu ) फिर से उभर आया है। सिर्फ पालघर में हजारों पक्षी मारे गए हैं। हालांकि, एक विशेषज्ञ ने कहा कि देश में इस बीमारी के बड़े पैमाने पर फैलने की आशंका नहीं है। Breaking News in hindi

चपेट में पालतू और जंगली पक्षी

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के आदिल अमीन ने कहा कि यह संक्रमण शायद ही कभी मानव से मानव के बीच फैलता है। उन्होंने कहा कि लोग Bird Flu Virus को पक्षी की बीट या संक्रमित पक्षियों के निकट संपर्क में रहने से बीमार पड़ सकते हैं। आदिल अमीन ने कहा कि बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लूएंजा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो पालतू और जंगली पक्षियों दोनों को चपेट में लेती है। संक्रमण पक्षियों की आंतों और श्वसन तंत्र में टाइप A वायरस के प्रवेश के कारण होता है। Latest News in Hindi

Bird Flu फैलने का मुख्य कारण

आदिल अमीन ने कहा कि लोग पक्षियों के निकट संपर्क से संक्रमित हो सकते हैं, विशेष रूप से पोल्ट्री फार्म ( Poultry Farm ) में काम करने वाले लोग। उन्होंने ने कहा, बड़े पैमाने के पोल्ट्री फार्मो में कई लोग रोजाना काम करते हैं। वहां से पक्षियों को छोटे पैमाने के पोल्ट्री फार्मो में भेजा जाता है, जो संचरण का मुख्य कारण बन जाता है। संक्रमण आस-पास के समूहों में फैल सकता है, लेकिन ऐसा शायद ही कभी होता हो।

उन्होंने कहा कि संक्रमित पक्षियों के दूषित पानी में नहाते या तैरते समय भी वायरस का संक्रमण हो सकता है। कुछ सामान्य हल्के लक्षणों में खांसी, बुखार, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं, जो तीन से 12 दिनों तक जारी रह सकते हैं। हालांकि, गंभीर मामलों में निमोनिया या किडनी की समस्या भी देखी जा सकती है।


Comments

Popular posts from this blog

गंगोत्री धाम के कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त तय, इस खुलेगा कपाट, जानिए पूरा कार्यक्रम

  देहरादून | गंगोत्री धाम ( Gangotri Dham ) के कपाट तीन मई को अक्षय तृतीया पर्व पर पूर्वाह्न् 11.15 मिनट पर ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे। शनिवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन तीर्थपुरोहितों ने पंचांग देखकर कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की। गंगोत्री धाम के कपाट प्रत्येक वर्ष अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं। top hindi news इसके बाद शीतकाल के 6 माह मां गंगा की पूजा-अर्चना उनके मायके मुखीमठ स्थित गंगा मंदिर में होती है। शीतकाल में मां गंगा के दर्शन के लिए भी श्रद्धालु मुखबा ही पहुंचते हैं, वहीं प्रतिवर्ष अक्षय तृतीया पर्व पर धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खोले जाते हैं। इस वर्ष अक्षय तृतीया पर्व तीन मई को मनाया जाएगा। यमुनोत्री के कपाट खुलने का समय  शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित पांच गंगोत्री मंदिर समिति के कार्यालय में धाम के कपाटोद्घाटन की तिथि और समय की विधिवत घोषणा की गई। समिति में सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि दो मई को मां गंगा की डोली दोपहर 12.15 बजे मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। यमुनोत्री के कपाट खुलने का समय सात अप्रैल को होगा तय इ...

Today IPL Match आज मुकाबला, गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के इन खिलाड़ियों पर नजर

  Today IPL Match IPL 2022: मुंबई इंडियंस को डबल झटका , Rohit Sharma पर लगा 12 लाख का जुर्माना https://medhajnews.in/news/sports/IPL-2022-Double-blow-to-Mumbai-Indians-Rohit-Sharma-fined-12-lakhs Russia-Ukraine Crisis: फिर बढ़ेंगे Crude Oil के दाम , इतने डॉलर प्रति बैरल होंगी नई कीमतें https://medhajnews.in/news/business-and-economy/Russia-Ukraine-Crisis-Crude-Oil-Prices-To-Increase-Again-Know-New-Prices डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य हो सकते है उच्च सदन में नेता सदन https://medhajnews.in/news/States/Uttar-Pradesh/Deputy-CM-Keshav-Prasad-Maurya-may-be-the-leader-of-the-Upper-House जम्मू उफ़ गर्मी : मार्च महीने में अब तक का सबसे ज्यादा गर्मी https://medhajnews.in/news/india/Jammu-Oops-Summer-The-highest-heat-ever-in-the-month-of-March किंग्स 11 पंजाब के S और S का चला जादू , बैंग्लोर को दी मात https://medhajnews.in/news/sports/IPL/Kings-XI-punjab-won-against-virat-kohli-rcb-by-5-wickets-with-odean-smith-and-shikhar-dhawan इंडोनेशिया क...

International Nurses Day 2022: ऐसे हुई थी ‘नर्स डे’ की शुरूआत, जानिए कौन है ‘द लेडी विद द लैंप’

  नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस ( International Nurses Day ) दुनियाभर में हर साल 12 मई को  नोबल नर्सिंग सेवा की शुरूआत करने वाली ‘फ्लोरेन्स नाइटिंगेल' के जन्मदिन पर मनाया जाता है। फ्लोरेन्स नाइटिंगेल ( Florence Nightingale ) को आधुनिक नर्सिग आन्दोलन का जन्मदाता माना जाता है। दया और सेवा की प्रतिमूर्ति फ्लोरेंस नाइटिंगेल ‘द लेडी विद द लैंप’ ( The Lady with the Lamp ) यानी कि ‘दीपक वाली महिला’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।  ऐसे हुई नर्स डे की शुरूआत अंतर्राष्ट्रीय नर्स परिषद ( ICN ) ने 1965 से इस दिन को मनाया है। 1953 में अमेरिकी स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण विभाग के एक अधिकारी डोरोथी सदरलैंड ने प्रस्तावित किया कि Dwight D. Eisenhower ‘नर्स दिवस’ ​​की घोषणा करें, लेकिन उन्होंने इसे मंजूर नहीं किया। जनवरी 1974 में 12 मई को इस दिन को मनाने के लिए चुना गया था क्योंकि यह आधुनिक नर्सिंग के संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्मदिन है। हर साल ICN अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस किट तैयार करता है और वितरित करता है। किट में हर जगह नर्सों द्वारा उपयोग के लिए शैक्षिक और सार्वजनिक सूचना सामग्री...